LIVE UPDATE

कटघोरा: शाहिद मोहम्मद–पटवारी भ्रष्टाचार का बड़ा घोटाला! बिना सड़क वाली जमीन को कागजों में “मेन रोड” दिखाकर कराई गई संदिग्ध रजिस्ट्री

इकरारनामे की शर्त और हकीकत का टकराव,फर्जी हक त्याग और नक्शे में हेरफेर के गंभीर आरोप पटवारी का फर्जीवाड़ा

कोरबा जिले में जमीन सौदे से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा और प्रशासनिक मिलीभगत की परतें खोल दी हैं। आरोप है कि विक्रेता शाहिद मोहम्मद और हल्का पटवारी की सांठगांठ से ऐसी जमीन, जो हकीकत में सड़क से कटी हुई है, उसे कागजों में “मेन रोड से जुड़ा” दिखाकर रजिस्ट्री करा दी गई। यह मामला सिर्फ एक लेन-देन नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैले कथित भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

इकरारनामे की शर्त और हकीकत का टकराव

ये खबर भी पढ़ें…
GPM BREAKING: धनगवां पंचायत में 15वें वित्त की राशि पर बड़ा सवाल! मार्च में पैसा निकला, अक्टूबर में रंग-पोताई; सरपंच-सचिव की भूमिका पर उठी जांच की मांग!
GPM BREAKING: धनगवां पंचायत में 15वें वित्त की राशि पर बड़ा सवाल! मार्च में पैसा निकला, अक्टूबर में रंग-पोताई; सरपंच-सचिव की भूमिका पर उठी जांच की मांग!
October 12, 2026
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ग्राम पंचायत धनगवां में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर सवालों का घेरा गहराता नजर आ...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकारी के मुताबिक, इस भूमि को लेकर पहले अनिल अग्रवाल और शाहिद मोहम्मद के बीच इकरारनामा हुआ था, जिसमें 2 लाख रुपये की राशि 8 फरवरी 2023 को बैंकिंग माध्यम से दी गई थी। इस समझौते की स्पष्ट शर्त थी कि यदि जमीन से सड़क नहीं निकलेगी, तो सौदा निरस्त माना जाएगा। जब मौके पर यह पाया गया कि जमीन किसी भी सड़क से नहीं जुड़ी है, तो अनिल अग्रवाल ने सौदा रद्द कर अपनी बयाना राशि वापस ले ली।

सौदा टूटते ही शुरू हुआ कथित फर्जीवाड़े का खेल

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सौदा निरस्त होते ही कहानी ने नया मोड़ लिया। आरोप है कि अपनी मंशा पूरी न होते देख शाहिद मोहम्मद ने हल्का पटवारी के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेरफेर शुरू कर दी। जमीन की चौहद्दी में कथित रूप से फर्जी तरीके से “मेन रोड” दर्शाई गई, जिससे कागजों में जमीन की स्थिति पूरी तरह बदल गई। यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बिना किसी वास्तविक निरीक्षण के ही सरकारी रिकॉर्ड में इस तरह का बदलाव संभव है, या फिर यह एक सुनियोजित भ्रष्टाचार का हिस्सा है?

संदिग्ध रजिस्ट्री: 24 अप्रैल 2026 को हुआ पूरा खेल

ये खबर भी पढ़ें…
कोरबा- मनोज मरावी को जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी से पूछताछ कर तत्काल कार्रवाई करे पुलिस प्रशासन, अन्यथा गोंगपा करेगी उग्र आंदोलन : विद्वान सिंह मरकाम
कोरबा- मनोज मरावी को जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी से पूछताछ कर तत्काल कार्रवाई करे पुलिस प्रशासन, अन्यथा गोंगपा करेगी उग्र आंदोलन : विद्वान सिंह मरकाम
October 28, 2026
कोरबा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव एवं विधि छात्र मनोज कुमार मरावी को कथित तौर...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मामले में सबसे बड़ा मोड़ 24 अप्रैल 2026 को आया, जब पंजीयन कार्यालय में क्रेता और विक्रेता की मौजूदगी में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। जिस जमीन को पहले सड़क विहीन मानकर सौदा रद्द हुआ था, वही जमीन अचानक “रोड टच” बन गई—वह भी सिर्फ कागजों में। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजीयन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या अधिकारियों ने बिना जांच के ही दस्तावेजों पर भरोसा कर लिया, या फिर यहां भी मिलीभगत की बू आ रही है?

फर्जी हक त्याग और नक्शे में हेरफेर के गंभीर आरोप

शिकायत में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में हक त्याग के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं, ताकि जमीन को वैध रूप से सड़क से जुड़ा दिखाया जा सके। यदि यह सच है, तो यह मामला सीधे-सीधे सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश की श्रेणी में आता है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए और नक्शे का मिलान किया जाए। साथ ही, रजिस्ट्री की इस संदिग्ध प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

क्या दब जाएगा मामला या होगा बड़ा खुलासा?

यह मामला अब प्रशासनिक ईमानदारी की परीक्षा बन गया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ एक जमीन घोटाला नहीं, बल्कि पूरे तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण होगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *